गलोय (अमृता) Galoy – Tinospora Cordifolia

यह एक अमृत तुल्य बहु-उपयोगी बहु-वर्षीय औषधीय लता है जो नीम के वृक्ष पर चढकर अधिक गुणकारी सिद्ध होती है। इसके पौधे कलम से तैयार किये जाते हैं जो प्रारम्भ में बहुत धीरे बढ़ते हैं परन्तु साधारणतया मरते नहीं है।

अनुभूत प्रयोग :

  1. पुरानी गठिया और पेशाब की बिमारी में इसका क्वाथ या शीत निर्यास पीने से बहुत लाभ होता है।
  2. गिलोप का काढा या शीत निर्यास पिलाने से सित्रयों में स्वेत प्रदर की बीमारी समाप्त हो जाती है। शतावरी के साथ इसको उबालकर पिलाने से बीमारी में और भी अच्छा लाभ होता है।
  3. ब्राहमी के साथ इसका काढा बनाकर पिलाने से दिल की धडकन में वृद्धि होना और पागलपन का दौरा मिटता है।
  4. इलायची, वंश लोचन और गिलोप के सत को शहद के साथ चटाने से क्षय रोग (टी.बी.) में बहुत लाभ होता है।
  5. लोप की जड का क्वाथ बनाकर पीने से बारी-बारी से आने वाले ज्वर में शीघ्र आराम होता है।
  6. इसकी जड़ का काढा बनाकर पीने से सांप के विष में आराम मिलता है।
  7. गिलोप के क्वाथ को पीने से फोडे, फुनिसया समाप्त हो जाते है।

नियमित उपयोग विधि :

गिलोप तने की 5 ” लम्बी टहनी को छोटे-छोटे टुकडो में काटकर कूट लें व शाम को एक गिलास पानी में भिगो कर रख दें। प्रात: इसको छान कर पी लेने से सब ही रोगो में तुरन्त आराम मिलता है।

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