असगंध – Asgandh (Withania Somnifera)

यह एक झाडीदार रोमश एक से दो फुट ऊँचा पौधा है जो बीज से उगता व फैलता है। इसकी जड़ में उडनशील तेल विधेनियाल एवं फार्इटोस्टेराल आदि पदार्थ होते है। जड़ पोषिटक, चातुवर्धक औा कामोत्तेजक होती है। यह क्षय रोग (टी.बी.), निर्बलता, गठिया रोग में बहुत लाभप्रद होता है।

अनुभूत प्रयोग :

  1. बलवर्धन में – सफेद मूसली, विधारा व इसकी जडो के चूर्ण में मिश्री मिलाका फाँकी लेने से बल एवं वीर्य बढता है।
  2. गठिया में – इसके पंच्यांग (जड़, पत्ती, फूल, तना, बीज) का रस निकालकर पीने से बहुत लाभ मिलता है।
  3. कटिशूल में – असगंध के चूर्ण में मिश्री मिलाकर घी के साथ सेवन करने से कमर का दर्द मिट जाता है।
  4. ग्रनिथ शोध (गठन सोजिश) में इसकी जड़ और पत्रों का लेप करने से तुरन्त आराम मिलता है।

इसकी एक-एक पती दिन में 3 बार पानी के साथ लेने से मोटापा कम होता है।

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